"करोड़पति बनने के 21 नियम" — पैसा कमाने, बचाने, बढ़ाने और असली Financial Freedom पाने की आसान भारतीय गाइड।
आप कमाते तो हैं, पर पैसे को लेकर उलझन ख़त्म नहीं होती।
21 नियम, सीधी भाषा में, असली भारतीय उदाहरणों के साथ
साथ में — 30 दिन का एक्शन प्लान, 7 वर्कशीट्स, और 32 ज़रूरी शब्दों का आसान शब्दकोश।
अभी ₹99 में किताब पाएंकिताब बताती है कि क्या करना है। पर जब आप उसे अपनी ज़िंदगी पर लगाने बैठेंगे, तो तीन सवाल सामने आएँगे — कितना? कैसे निभाएँ? क्या बोलें?
इन्हीं के लिए मैंने 12 और चीज़ें बनाईं। सब मिलाकर 13 प्रोडक्ट।
तेरह प्रोडक्ट, एक-एक करके — और हर एक क्या काम करता है
मुख्य किताब — 166 पेज। पैसे के बारे में सोचना कैसे है, यह सिखाती है। हर अध्याय में एक कहानी, आसान चार्ट और आख़िर में “आज से करें” की छोटी सूची।
125 पेज · 22 से 30 की उम्र के लिए। घर में कोई नौकरी शुरू कर रहा है — भाई, बहन, बेटा, बेटी या आप ख़ुद — तो यह किताब उसके लिए है।
120 पेज · 8 से 18 साल। जो आदतें आप आज सीख रहे हैं, काश कोई आपको 12 साल की उम्र में सिखा देता। आपके बच्चे के पास वो मौका अभी है।
Excel और Google Sheets — दोनों। सिर्फ़ पीली कोशिकाओं में अपने नंबर भरिए, बाकी सब अपने आप निकल आएगा। कोई फ़ॉर्मूला समझने की ज़रूरत नहीं।
A4 पर प्रिंट कीजिए और दीवार, फ़्रिज या अलमारी पर लगाइए। पेंसिल से भरिए — हर साल दोबारा इस्तेमाल कीजिए। जो दिखता है, वही होता है।
11 पेज — वो फ़ाइल जो आपके परिवार को उस दिन काम आएगी जब आप बता न सकें। पैसा होने और पैसा मिल पाने में बहुत फ़र्क है।
सबसे मुश्किल छह बातचीत — शब्द-दर-शब्द। क्या कहना है, क्या नहीं कहना, और वे जो कहेंगे उसका जवाब। इस बाज़ार में यह किसी के पास नहीं है।
16 पेज। वसीयत क्या है, क़ानून क्या कहता है, और एक रफ़ ड्राफ़्ट जिसे भरकर आप वकील के पास जाएँ — जिससे उनका काम आधा और आपकी फ़ीस कम।
20 पेज की पूरी चेकलिस्ट — दस हिस्सों में। हर आइटम के नीचे लिखा है कि वो क्यों ज़रूरी है, और छूट जाने पर क्या होता है।
12 पेज। ₹1,000 से ₹50,000 महीने तक — आठ अलग रकमों का साल-दर-साल पूरा हिसाब, चार्ट और तालिका के साथ।
9 पेज। आज की फ़ीस देखकर योजना बनाना काफ़ी नहीं — असली संख्या वो है जो उस साल चुकानी पड़ेगी। दो रेडी-रेकनर तालिकाएँ, कोई गणित नहीं।
पंद्रह मिनट की जाँच। बारह ख़ाने भरिए और एक साफ़ जवाब पाइए कि आप आज कहाँ खड़े हैं — मज़बूत, ठीक-ठाक, ध्यान दीजिए, या ख़तरा।
कोई भी वित्तीय प्रोडक्ट लेने से पहले पूछने वाले सात सवाल। ईमानदार प्रोडक्ट इनसे गुज़र जाता है — बाकी तीसरे सवाल पर ही अटक जाते हैं।
अलग-अलग लेने पर कुल कीमत ₹2,587 होती है
दोनों विकल्प खुले हैं — जो आपके लिए सही लगे
सिर्फ़ ₹200 ज़्यादा देकर आपको ₹2,488 का अतिरिक्त सामान मिल जाता है — 2 और किताबें, 12 कैलकुलेटर, और 8 बोनस।
हाँ, तुरंत। भुगतान होते ही सभी 13 फ़ाइलों का लिंक आपके ईमेल और WhatsApp पर आ जाएगा।
हाँ। सिर्फ़ पीली कोशिकाओं में अपने नंबर टाइप करने हैं — बाकी सब अपने आप निकलता है। हर शीट में उदाहरण के नंबर पहले से भरे हैं। Google Sheets फ़ोन पर भी चलता है।
भतीजे, भांजे या किसी दोस्त के बच्चे को दे दीजिए। और आगे कभी ज़रूरत पड़े तो फ़ाइल आपके पास रहेगी ही।
घर में कोई न कोई नौकरी शुरू कर रहा होगा — भाई, बहन, बेटा, बेटी या किसी दोस्त का बच्चा। उन्हें दे दीजिए। इस उम्र में मिली एक अच्छी आदत सालों काम आती है।
किसी भी दुकान से ₹20-30 में प्रिंट हो जाते हैं। और सारे PDF फ़ोन पर भी पढ़े जा सकते हैं।
नहीं। किसी भी कंपनी, फंड या पॉलिसी की सिफ़ारिश नहीं है। यह पूरी तरह शैक्षिक सामग्री है — फ़ैसला हमेशा आपका रहेगा।
नहीं। तेरहों प्रोडक्ट अलग-अलग अपनी सामान्य कीमत पर ही उपलब्ध रहेंगे। यह कलेक्शन कीमत सिर्फ़ इसी पेज पर है।
ये डिजिटल फ़ाइलें हैं जो तुरंत डाउनलोड हो जाती हैं, इसलिए डिलीवरी के बाद रिफ़ंड नहीं मिलता। पर अगर फ़ाइल न मिले, दोबारा भुगतान हो जाए, या फ़ाइल ख़राब निकले — तो पूरा पैसा वापस। पूरी नीति यहाँ।
एक ग़लत पॉलिसी 15 साल में लाखों की चपत लगा सकती है। एक ग़लत EMI आपकी पाँच साल की बचत रोक सकती है। इन गलतियों से बचने की कीमत — ₹99 से शुरू।
पूरा कलेक्शन लीजिए — ₹299 या सिर्फ़ किताब — ₹99